पिछले संस्करण
संगठनात्मक विकास
अपने इस लेख में, राजुल भारती आज के परिदृश्य में फंड जुटाने की चुनौतियों पर अपने विचार रख रही हैं। वह कहती हैं कि फंडर्स को उन हालात और सीमाओं के प्रति संवेदनशील होने की ज़रूरत है, जिनमें गैर-लाभकारी संस्थाएँ काम करती हैं।
By राजुल भारती | ११ मिनट पढ़ें | सितंबर १०, २०२६
संगठनात्मक संस्कृति
यह लेख नागरिक समाज संगठनों में कार्यस्थल पर वेलबीइंग की बात करते हुए अत्यधिक काम की वजह से होनेवाले शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक तनाव व काम में अरुचि जैसे मुद्दों को उजागर करता है।
By Samuhik Pahal Team | ३ मिनट पढ़ें | अगस्त २१, २०२६
The article by Santosh Lonkar discusses a few of the key and effective well-being practices of the organization he works with.
By Santosh Lonkar | ८ मिनट पढ़ें | अगस्त २१, २०२६