पिछले संस्करण
Practices
“रचनात्मकता और आत्मचिन्तन: शिक्षा के लिए आवश्यक गुण” में सागरिका चटर्जी और निशा नायर संसाधन उपलब्ध कराने वाले एक संगठन के परिप्रेक्ष्य से ‘कला और शिक्षा’ के क्षेत्र में क्षमता संवर्धन का अपना अनुभव साझा कर रही हैं।
By Nisha Nair, Saagarika Chatterji | ११ मिनट पढ़ें | २४ जून २०२६
Resource Mobilization
यह लेख स्वयंसेवकों, स्वयंसेवा और स्वयंसेवकों द्वारा संचालित पारिस्थितिकी तंत्रों (इकोसिस्टम) से जुड़ी कुछ प्रमुख चिंताओं पर चर्चा करता है। इनमें प्रभावशीलता, प्रेरणा, स्वयंसेवकों को जोड़ के रखना, विशेष कौशल और स्वयंसेवकों की थकान शामिल हैं।
By निपुण मेहता | १७ मिनट पढ़ें | ११ जून २०२५
इस लेख में स्वयंसेवकों की कुछ महत्वपूर्ण प्रेरणाओं पर चर्चा की गई है। जैसे की – अहंकार का खोना और प्रचुरता (अबन्डन्स) महसूस करना, कृतज्ञता व्यक्त करना, खुद को बदलना, अंतर्संबंधों को खोजना और उनका सम्मान करना और अपने प्राकृतिक विकास के साथ तालमेल बिठाना। यह लेख स्वयंसेवा की परिवर्तनकारी शक्ति को समझने की एक कोशिश है।
By सर्विसस्पेस | ८ मिनट पढ़ें | २ जून २०२५
Organizational Well-being
The article by Santosh Lonkar discusses a few of the key and effective well-being practices of the organization he works with.
By Santosh Lonkar | ८ मिनट पढ़ें | २ मई २०२५